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एक गुलाब की कहानी

ये कहानी उस (गुलाब)पेड़ की है जो एक ऐसे बगीचे में पैदा हुआ जंहा पर अलग अलग प्रकार के पोधे लगे हुए थे ,जब छोटा था तब से जवानी तक वह पुरे बगीचे का आकर्षण बन के रहा ,और सभी को अपनी और आकर्षित करने की कोशिश करता ,इतराता रहता और बहुत ख़ुशी से उसका जीवन चल रहा था ,और नहीं कभी वह अपने बगल वाले पौधे की खबर लेता की उसके पास वाले पर क्या बीत रही है ,उस का तो सिर्फ इतना था की हवा मैं मस्त झूमते रहना ,

कुछ दिनों बाद जब उसमे कलियों का आना हुआ उसे अपने भविष्य की चिंता और कलियों की चिंता सताने लगी ;क्यों की कलियों को देख कर विभिन्न प्रकार की मक्खी , और कीट पतंगे और उन कलियों के पास आएँगी ,और जो आकर उसकी कलियों को छेड़ेंगे ,जबकि उसकी कलियाँ तो कुछ और ही सपना देखती होंगी ,जब वो जवान होंगी तो उन्हें कोई जवान सा भवर आकर छेड़ेगा और उनका रस पिएगा ,

उसे यह चिता इसलिए सताने लगी क्योंकि वह देखता रहता कि उसके वगल वाले पेड़ पर जब कलियाँ जवान होती तो पहले तो उसे वही मक्खी ,कीट और पतंगे छेडते, और कुछ और बड़ी हो ही पाती तो उन्हें माली आकर तोड़ ले जाता ,

फिर वह सोचने लगा कि जब कलियाँ और बड़ी होंगी तो उसकी कलियों को भी माली तोड़ के ले जायेगा ,और पता नहीं उसकी कली का क्या होगा

क्या उसकी कली किसी मदिर पर चढाई जाएगी ,

या किसी कलियों के ब्यापारी के हाथ मैं चली जाएगी

या फिर किसी ऐसे दरिन्दे के हाथ जाएगी जो सिर्फ उसका रस निकाल कर उसे फ़ेंक देगा कि फिर उसकी कली की फिर कोई पूछ नहीं होगी,

या फिर उसकी कली किसी गोरी कि सोभा बढाएगी

या फिर किसे योग्य वर द्वारा उनका स्वयं वर होगा ,

यह सोच कर पोधा इसलिए परेशान था क्यों कि जब उससे बड़े पोधओं के कली आई थी तब उनकी कलियों को वो बचा नहीं पाया था उस माली से , और नहीं उसने कोशिश , नहीं तो आज वो बगीचा पुरे फूलों और कलियों से भरा होता और हर पेड़ फूलो और खुशियों से बना रहता ,

ये बात तो सिर्फ एक पेड़ कि है , लेकिन यही बात जब एक पिता तब सोचता है जब उसकी घर कि kalee बड़ी होने लगाती है तो भारत के परिद्रश्य को देख कर घबराता है क्यों की आज भारत मैं कंही कोई भी बेटी सुरखित नहीं है क्यों की हम पडोसी के बारे मैं नहीं पूछते की उसके साथ क्या चल रहा है यदि हम एसा सोचते तो मुझे नहीं लगता की यंहा भी जो सुर्ख़ियों मैं है वो होता , लेकिन हमे सोचना ही होगाकी kya हम इतने गिर गए है की क्या सामाजिक है क्या सामाजिक नहीं है सोचना ही होगा और हमे पता है की हम एक सबसे सभ्य देश के नाग रिक हैं हम कुछ ऐसा करेंगे तो any देशो का क्या होगा ??????????????????

क्योंकि ये सुर्खियाँ kuch kahati कहती हैं
(बाल वेश्यावृत्ति का केंद्र बन रहा है )

भारतJan 29, 08:07 pmबताएं नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि भारत तेजी से बाल वेश्यावृत्ति गिरोह का केंद्र बनता जा रहा है और उसने इस समस्या से निपटने के लिए विशेष जांच एजेंसी गठित करने का सुझाव दिया। न्यायमूर्ति दलबीर भंडारी और न्यायमूर्ति ए के पटनायक ने सालीसीटर जनरल गोपाल सुब्रह्मण्यम से बाल वेश्यावृत्ति गिरोह से निपटने के लिए विशेष जांच एजेंसी गठित करने के विचार का परीक्षण करने को कहा। साथ ही आश्वस्त किया कि सेक्स के कारोबार में बच्चों को लगाने वालों को कोर्ट जमानत नहीं देगी। शीर्ष कोर्ट ने बचपन बचाओ आंदोलन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसा हो रहा है क्योंकि देश में व्यापक गरीबी है। यह देश में भारी पैमाने पर बेरोजगारी के कारण भी हो रहा है। हमारे सभी सांस्कृतिक लोकाचार नाले में जा रहे हैं। यह इस तरह की गतिविधियों का केंद्र बन रहा है। शीर्ष कोर्ट ने जानना चाहा कि सरकार क्यों नहीं उन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 [दुष्कर्म] लगा रही है जो इस तरह के वेश्यावृत्ति गिरोह में बच्चों का शोषण कर रहे हैं। शीर्ष कोर्ट ने पूछा कि ज्यादातर यौनकर्मी बच्चे हैं। क्यों नहीं आप उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 376 लगा रहे हैं। अगर आप दस मामलों में ऐसा करेंगे तो वे ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएंगे। कोर्ट उन्हें जमानत भी नहीं देंगी।

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क्या यही है भारत,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,??????????









टिप्पणियाँ

  1. well said sir absolutely right and true saying and now its our time to move and do sumthng for our india specially for d girls of india so that dey can live freely and breathe d open air

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  2. सुन्दर प्रयास है. तथ्यों का समावेश काबिलेतारीफ है. एक सुझाव है थोडा भाषा पर ध्यान दें. लिखते रहे एवं स्नेह बनाये रखें.

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  3. well ur worries r very right n relevant too u include only indian fact but in whole world picture is all same if u take UN data den u wuld knw n for child i must say first of all we hav to c rehab programmes 4 dere mothers (Parents) n also chk over basic need of BPL ppl cos when dey hav ROTI KAPADA MAKAAN den after mayb we culd chk on dis thin els u also wrote abt JASICA Case wch is slightly different n also women abuse nw u make it clear its all inculde women abuses or perticular on one issue cos yur story concern on
    बाल वेश्यावृत्ति . So story tellin is gud keep it up
    next time acceptation must b high . :)

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  4. o ..god dev..
    appne bilkul mere dil ki bat n dar likh di hai......

    isska upay kya hai??

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  5. nandini ji isaka upay hai - jaisa maine mahsus kiya hai ki aaj kl naitik or charitrik jiwan me kuch hras hua hai isake teen karan hai karan
    ek aniymit din charya
    ulta sidha khan pan
    teesra hum logo ko mahan granth jaise geeta ramayan se dur bhgana yadi in chijo par kam karana shuru kar denge to aise samsyaye nhi aayengi

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