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कसूर किसका ?


हमे माफ़ करें , हम ये शादी नही कर सकते क्यूँ की लडके को गोरी लड़की चाहिए ,

मम्मी मुझे वो लड़का पसंद नही है क्यूँ की वो काला है 

वैसे आपकी लड़की हर काम कर लेती है थोडा उसका रंग साफ होता तो शायद में आपकी उस घर में बात करवा देता ,

ढेर सारी  fairness cream  लगाई  लेकिन भाई मेरे से एक भी नही पटी ,,,,,,,,,,,

ये सब तब की बातें है जब किसी लड़की या लडके का रिश्ता होने वाला होता है कोई लड़का या लड़की कितनी भी योग्यता रखते हों , यदि उसका रंग काला है या सावला है तो कभी कभी उसके  परिवारीजन और  वो   खुद सोचने को मजबूर हो जाते है की क्या करना चाहिए ,

क्या ये लड़का हमारी बेटी के लिए ठीक रहेगा या फिर क्या ये लड़की हमारी बहु बनाने के काबिल है , उस टाइम पे उसकी कितनी भी योग्यता हो वो बेचारे की धरी धरी रह जाती है  

जब ऐसा दृश्य  सामने आता है तो सोचने को मजबूर होना पड़ता है की रंग और रूप तो प्रकृति (भगवान ) की देन  है उसमे उस बेचारे का क्या दोष है 

 रंग भेद की बात की जाये  मुझे लगता है कि  भारत में अभी भी ज्यादातर लोग जिस ब्यक्ति का रंग साफ होता है उससे जल्दी प्रभावित होते हैं में ऐसा इस आधार पर कह रहा हूँ , 

आज भी भारत के बाज़ारों में न जाने कितनी company  सिर्फ कॉस्मेटिक प्रोडक्ट बनाती है ,और न जाने कितने युवक , युवतियां बिना सोचे समझे सिर्फ विज्ञापन के आधार पर उस उत्पाद को ले आते हैं ,    यह सोच कर कि  बस एक बार मेरी त्वचा का रंग गोरा हो जाये बस ,और इस मानसिकता का फायदा उठाकर कॉस्मेटिक कंपनी  युवक और युवतिया ठग भी जाते है ,,,,,,,,,

मेरा अब उन लोगो से कहना है त्वचा का काला रंग होने में आप की कोई गलती नही , और कभी भी आपको इसे लेकर अपने आप को कमजोर महसूस नही करना है और नही कोई हीन भावना आनी  चाहिए कि में तो काला  हूँ मेरा अब कुछ नही हो सकता है  ,

यदि ऐसा कुछ अमेरिकी  राष्ट्रपति Barack Obama  सोचते  तो मुझे नही लगता की वो अमेरिका जैसे देश के राष्ट्रपति होते , और नेल्सन मंडेला को  Nobel  Prize मिलता ,

गाँधी जी को भी एक बार रंग भेद का सामना करना पढ़ा था लेकिन उन्होंने रंग को लेकर हार नही मानी और आज भारत के ही नही बल्कि दुनिया के पूज्यनीय हैं  

और यही बात उन लड़कियों के बारे में हैं जो सोचती है की मेरा रंग काला है या सावला है अब मेरा कुछ नही हो सकता है

उन्हें Venus  बहिनों, और Oprah Winfrey की bilography  पढ़नी चाहिए ,ये तो कुछ लोगो के उदाहरण  है दुनिया में कई लोग हुए है जिन्होंने अपने त्वचा के रंग पर ध्यान न देकर अपने आप को साबित किया कि वे लोग भी वो सब कर सकते है जो गोरे लोग कर सकते हैं भारत में भी कई लोग है जो त्वचा के रंग से तो काले हैं पर उनके दिल में भी जूनून रहता है कुछ अलग और प्रभावी  करने का 

 वन्देमातरम 

दिब्यांग देव शर्मा 

http://www.biography.com/people/barack-obama-12782369

http://www.nobelprize.org/nobel_prizes/peace/laureates/1993/mandela-bio.html/

http://en.wikipedia.org/wiki/Oprah_Winfrey




http://www.forbes.com/billionaires/list/#p_1_s_a0_All%20industries_All%20countries_All%20states_oprah

टिप्पणियाँ

  1. "sahi kahn aapne devji...hinta insan ko aage badne se rokati hai fir chahe wo rang ki ho ya roop ki ya fir kisi or chij ki ...hame in sabhi chijo ko chhod kar aapne kam pe dhyan dena chahiye ..."
    age bhi apke vichar ko padne ke mauka milega, ham aisi ummde karte hai

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